काश की सपने सच हो जाते ,तो पंख लगा हम तेरे पास आते,तेरे होठों पे छाते एक मुस्कान बन के ,गीत मीठ सा कोई हम तुमको सुनते.काश की सपने सच हो जाते.......तो संग बादलों के तेरे पास आते ,जो तेरे तनको भिगोतीं बारिश की बूँदें तो छाँव तरु की बन ख़ुद में तुमको छिपाते काश की .............तो फूलों में बस के हम तेरे पास आते ,जो चूम लेते मुझे प्यार से तुम तो CHUT के तेरे हाथ से तेरे पैरों पे गिर जाते ,काश की .................................... तो कभी पुरवाई बन के कभी अंगडाई बन के ,कभी अरुणाई बन के कभी अमराई बन के ,हर रंग हर रूप में हम तेरे पास आते ,काश की सपने सच हो जाते ................................. .